संसउ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]संसउ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ संशय] दे॰ 'संशय' । उ॰—अजहूँ कछु संसउ मन मोरे । करहु कृपा बिनवौं कर जोरे ।—मानस, १ । १०९ ।
संसउ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ संशय] दे॰ 'संशय' । उ॰—अजहूँ कछु संसउ मन मोरे । करहु कृपा बिनवौं कर जोरे ।—मानस, १ । १०९ ।