सामग्री पर जाएँ

संसारचक्र

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

संसारचक्र संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. जन्म पर जन्म लेने की परंपरा । नाना योनियों में भ्रमण ।

२. माया ता जाल । दुनिया का चक्कर । प्रपंच ।

३. जगत् की दशा का उलट फेर ।