संसारचक्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]संसारचक्र संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. जन्म पर जन्म लेने की परंपरा । नाना योनियों में भ्रमण ।
२. माया ता जाल । दुनिया का चक्कर । प्रपंच ।
३. जगत् की दशा का उलट फेर ।
संसारचक्र संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. जन्म पर जन्म लेने की परंपरा । नाना योनियों में भ्रमण ।
२. माया ता जाल । दुनिया का चक्कर । प्रपंच ।
३. जगत् की दशा का उलट फेर ।