सामग्री पर जाएँ

संस्तर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

संस्तर ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. तह । पर्त । पहल ।

२. घास फूस से बनाया हुआ आच्छादन ।

३. घास फूस फैलाकर बनाया हुआ बिस्तर । तृण शय्या ।

४. विस्तर । शय्या ।

५. बिखेरना । विकीर्णन (को॰) ।

६. विकीर्ण पुष्पराशि । फैलाए हुए फूलों का समूह ।

७. यज्ञ या यज्ञ आदि का आयोजन (को॰) ।

८. विधि, व्यवस्था या आचारादि का प्रचार (को॰) ।

संस्तर ^२ वि॰ छितराया हुआ । विकीर्ण किया हुआ ।