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संस्तार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संस्तार संज्ञा पुं॰ [सं॰] तह । पहल ।

२. बिस्तर । शय्या ।

३. एक यज्ञ का नाम ।

४. वितति । विस्तार । वृद्धि (को॰) ।

संस्तार पक्ति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ संस्तार पडिकत] एक वर्णवृत्ति जिसमें १२+८+८+१२ के योग के ४० वर्ण होते हैं [को॰] ।