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संस्पृष्टमैथुना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संस्पृष्टमैथुना संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] वह लड़की जिसे बरगलाया गया हो या जिसे मैथुन का परिचय मिल गया हो । भ्रष्ट । विशेष—ऐसी लड़की को विवाह के अयोग्य माना गया है ।