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सकलात

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सकलात संज्ञा पुं॰ [सं॰ सकाल ( = ऋतु या अवसर के उपयुक्त)?]

१. ओढ़ने की रजाई । दुलाई । उ॰—(क) लग्यो शीत गात सुनो बात प्रभु काँपि उठे दई सकलात आनि प्रीति हिये भोई है । (ख) शीत लगत सकलात विदित पुरुषोत्तम दीनी । शौच गए हरि संग कृत्य सेवक की कीनी ।—भक्तमाल (शब्द॰) ।

२. उपहार । भेंट । सौगात । उ॰—सौ गाड़ी सकलात सलौनी । पातसाह कौ जात पठौनी ।—लाल कवि (शब्द॰) ।