सकिलना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सकिलना † ^१ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ फिसलना या अनु.]
१. फिसलना । सरकना ।
२. सिमटना । सिकुड़ना । उ॰—उखरत बार सकिल गई नासा । भयो तहाँ ते रुधिर प्रकासा ।—रघुराज (शब्द॰) ।
३. हो सकना । पूरा होना । जैसे,—तुमसे यह काम नही सकिल सकता ।
४. एकत्र होना । बटुरना । पुंजीभूत होना । उ॰—मेघा महिगत सो जल पावन । सकिलि श्रननमग चलेऊ सुहावन ।—मानस, १ ।३६ ।