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सक्तसामंत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सक्तसामंत संज्ञा पुं॰ [सं॰ सक्त सामन्त] ग्रामसमूह का जमींदार जो उसका सामंत होता था । विशेष—पराशर स्मृति में कहा है कि किसी ग्राम के पास का जो ताल्लुकेदार होता था, वही उस ग्राम का सक्तसामंत होता था । सीमा संबंधी झगड़ों में सबसे पहले इसी की गवाही ली जाती थी ।