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सखुनपरवर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सखुनपरवर संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ सुख़नपरवर]

१. वह जो अपनी कही हुई बात का सदा पालन करता हो । जबान या बात का धनी ।

२. वह जो अपनी कही हुई अनुचित या गलत बात का भी बराबर समर्थन करता हो । हठी । जिद्दी ।