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सगुनाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सगुनाना कि॰ स॰ [सं॰ शकुन + हिं॰ आना ( प्रत्य॰)]

१. शकुन बतलाना । उ॰—आजु कोउ नीकी बात सुनावै । कैं मधुवन ते नंद लाडिले कै व दूत कोउ आवै । भौंरा इक चहुँ दिसि ते उसि उडि कान लागि कछु गावै । उत्तम भाषा ऊँचे चढ़ि चढ़ि अंग अंग सगुनावै । सूरदास कोऊ ब्रज ऐसो जो ब्रजनाथ मिलावै ।—सूर (शब्द॰) ।

२. शकुन निकालना या देखना । सगुन बिचारना ।