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सगुनौती

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सगुनौती संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ शकुन, हिं॰ सगुन + औती (प्रत्य॰)] प्रच- लित विश्वास के अनुसार वह क्रिया जिससे भावी शुभाशुभ का निर्णय किया जाता है । शकुन विचारने की क्रिया । उ॰— बैठी जननि करति सगुनौती । लछमन राम मिलै अब मोकों दोउ अमोलक मोती । इतनी कहत सुकाग उहाँ ते हरी डाल उड़ि बैठ्यो । अंचल गाँठ दई दुख भाज्यो सुख जो आनि उर पैठ्यो ।—सूर (शब्द॰) ।