सङ्घरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]संघरना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ संहार + हिं॰ ना (प्रत्य॰)]
१. संहार करना । नाश करना ।
२. मार डालना । उ॰—गरगज चूर चूर होइ परहीं । हस्ति घोर मानुष संघरहीं ।—जायसी (शब्द॰) ।
संघरना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ संहार + हिं॰ ना (प्रत्य॰)]
१. संहार करना । नाश करना ।
२. मार डालना । उ॰—गरगज चूर चूर होइ परहीं । हस्ति घोर मानुष संघरहीं ।—जायसी (शब्द॰) ।