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सजाव

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सजाव ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ सद्य, प्रा॰ सज्ज + हिं॰ आव (प्रत्य॰)] एक प्रकार का दही । मलाईदार मीठा दही । विशेष—इसे बनाने के लिये दूध को पहले खूब उबाल कर गाढ़ा करते हैं और तब उसमें जामन छोड़ते हैं, इस प्रकार जमा हुआ दही बहुत उत्तम होता है; उसकी साढ़ी या मलाई बहुत मोटी औ र चिकनी होती है । प्राय: 'दही' शब्द के साथ ही इस शब्द का प्रयोग मिलता है और विशेष अर्थ देता है । जैसे,— भावभरी कोऊ लिए रुचिर सजाव दही कोऊ मही मंजु दाबि दलकति पाँसुरी ।—रत्नाकर, भा॰ १, पृ॰ १५१ ।

सजाव ^२ संज्ञा स्त्री॰ दे॰ 'सजावट' ।