सञ्जुग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]संजुग पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ संयुग] संग्राम । युद्ध । लड़ाई । उ॰— जीतेहु जे भट संजुग माहो । सुनु तापस मैं तिन्ह सम नाहीं ।—मानस, ६ ।८९ ।
संजुग पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ संयुग] संग्राम । युद्ध । लड़ाई । उ॰— जीतेहु जे भट संजुग माहो । सुनु तापस मैं तिन्ह सम नाहीं ।—मानस, ६ ।८९ ।