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सठता

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सठता संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ शठ, हिं॰ सठ + ता (प्रत्य॰)]

१. शठ होने का भाव । शठ का धर्म । शठता ।

२. मूर्खता । बेवकूफी । उ॰— जानी राम न कहि सके भरत लखन सिय प्रीति । सो सुनि समुझि तुलसी कहत हठ ता की रीति ।—तुलसी (शब्द॰) ।