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सतरौहाँ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सतरौहाँ † वि॰ हिं॰ [सतराना + औंहा(प्रत्य॰)] [वि॰ स्त्री॰ सतरौहीं]

१. कुपित । क्रोधयुक्त ।

२. कोपसूचक । रिसाया हुआ सा । उ॰— सकुचि न रहिए स्याम सुनि ये सतरौहैं बैन । देत रचौहैं चित कहे नेह नचौहैं नैन ।—बिहारी (शब्द॰) ।