सत्यानासी
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सत्यानासी ^१ वि॰ [हि॰ सत्यनास + ई (प्रत्य॰)] [वि॰ स्त्री॰ सत्या- नाशिन]
१. सत्याकनाश करनेवाला । चौपट करनेवाला ।
२. अभागा । बदकिस्मत ।
सत्यानासी ^२ संज्ञा स्त्री॰ एक कँदीला पौधा जो प्राय: खंडहरों और उजाड़ स्थानों पर जमता है । घमोई । भड़भांड़ । स्वर्णक्षीरी । पीतपुष्पा । विशेष— इसके बीच में गोभी के पौधे की तरह एक कांड उपर की गया होता है और चारों और नीलापन लिए हरे कटावदार पत्ते निकलते हैं जिनपर चारो ओर विषैले कांटे होते हैं । इस पौधे को काटने या दबाने से एक प्रकार का पीला दूध या रस निकलता है । इसका फूल पीला, कटोरे के आकार का और देखने में सुंदर पर गंधहीन होता है । फूल झड़ जाने पर गुच्छों में फल या बीजकोश लगते हैं जिनमें राई के से काले काले बीज भरे रहते हैं । इन बीजों से एक प्रकार का बहुत तीक्ष्ण तेल निकलता है जो खुजली पर लगाया जाता है । वैद्यक में सत्यानासी कड़वी, दस्तावर, शीतल तथा कृमि रोग, खुजली और विष को दूर करनेवाली मानी गई है ।