सत्री
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सत्री संज्ञा पुं॰ [सं॰ सत्त्रिन्]
१. यज्ञ करनेवाला ।
२. किसी दूसरे राजा के राज्य में अपने राजा या राज्य की ओर से रहनेवाला राजदूत । एलची ।
३. यज्ञ का निरीक्षण करनेवाला पुरोहित । ब्रह्णा (को॰) ।
४. शिष्य । छात्र (को॰) ।