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सधभग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सधभग संज्ञा पुं॰ [सं॰ सन्धिभङ्ग]

१. वैद्यक के अनुसार हाथ या पैर आदि के किसी जोड़ का टूटना ।

२. संधि की शर्तों की अवहेलना करना (को॰) ।