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सनाढय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सनाढय संज्ञा पुं॰ [सं॰ सन ( = दक्षिणा) + आढय ( =संपन्न)] ब्राह्मणों की एक शाखा जो गौड़ों के अंतर्गत कही जाती है ।