सपरस
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सपरस पु वि॰ [हिं॰ स ( =सह) + परस ( =स्पर्श)] छूत से युक्त । स्पृश्य । स्पर्श करने योग्य । 'अपरस' का विलोम । उ॰—अपरस ठौर तहाँ सपरस जाइ कैसे, बासना न धोवै तौं लौ तन के पखारें कहा ।—घनानंद, पृ॰ १९८ ।