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सप्तभङ्गी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सप्तभंगी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सप्तभङ्गी]

१. जैन न्याय या तर्क के सात अवयव जिन पर स्याद्वाद की प्रतिष्ठा हैं । विशेष—ये सातो अवयव या सूत्र स्यात् शब्द से आरंभ होते हैं । यथा—स्यादस्ति, स्यान्नास्ति, स्यादस्तिचास्ति, स्यादवक्तव्य, स्यादस्तिचावक्तव्य, स्वान्नास्तिचावक्तव्य, स्यादस्तिचना- स्तिचावक्तव्य ।

२. सप्तभंगी को माननेवाला । स्याद्वावाद का अनुयायी जैन । यौ॰—सप्तभंगीनय = दे॰ 'सप्तभंगिनय' ।