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सप्तसागर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सप्तसागर संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक शिवलिंग ।

२. लवण, इक्षु, दधि, क्षीर, मधु, मदिरा और घृत के सात समुद्र ।

सप्तसागर दान संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक दान जिसमें सात पात्रों में घी, दूध, मधु, दही आदि रखकर ब्राह्मण को देते हैं ।