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सबद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सबद पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ शब्द]

१. शब्द । आवाज । उ॰—हुता जो सुन्नम सुन्न, नाँव ठाँव ना सुर सबद । तहाँ पाप नहिं पुन्न, महमद आपुहि आपु महँ ।—जायसी (शब्द॰) ।

२. [स्त्री॰ सबदी] किसी महात्मा की वाणी या भजन आदि । जैसे,—कबीरजी के सबद, दादूदयाल के सबद ।