समानतन्त्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]समानतंत्र संज्ञा पुं॰ [सं॰ समानतन्त्र]
१. वे जो एक ही काम करते हों । समान कर्म । हमपेशा ।
२. वे जो वेद की किसी एक ही शाखा का अध्ययन करते हों और उसी के अनुसार यज्ञ आदि कर्म करते हों ।