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समानिका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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समानिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार की वर्णवृत्ति जिसमें रगण, जगण और एक गुर होता है । समानी । उ॰—देखि देखि कै सभा । विप्र मोहियो प्रभा । राजमंडली लसै । देव लोक को हँसै ।—केशव (शब्द॰) ।