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समुद्रफल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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समुद्रफल संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का सदाबहार वृक्ष जो अवध, मध्य भारत आदि में नदियों के किनारे और तर भूमि में तथा कोंकण में समुद्र के किनारे बहुत अधिकता से पाया जाता है । विशेष—यह प्रायः ३० से ५० फुट तक ऊँचा होता है । इसकी लकड़ी सफेद और बहुत मुलायम होती है और कुछ भूरी या काली होती है । इसके पत्ते प्रायः तीन इंच तक चौड़े और दस इंच तक लंबे होते हैं । शाखाओं के अंत में दो ढाई इंच के घेरे के गोलाकार सफेद फूल लगते हैं । फल भी प्रायः इतने ही बड़े होते हैं जो पकने पर नीचे की ओर से चिपटं या चौपहल हो जाते है । वैद्यक के अनुसार यह चरपरा, गरम, कड़वा और त्रिदोषनाशक होता है तथा सन्निपात, भ्रांति, सिर के रोग और भूतबाधा आदि को दूर करता है ।