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सम्फेट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संफेट संज्ञा पुं॰ [सं॰ सम्फेट]

१. क्रोध से परस्पर भिड़ना । भिड़ंत । लड़ाई ।

२. झगड़ा । कहासुनी । तकरार ।

३. नाट्य में विमर्श संधि के तेरह भेदों में से एक का नाम ।

४. नाट्य में आर- भटी का एक भेद । विशेष—नाट्यशास्त्र में विमर्श के तेरह भेदों में से एक संफेट भी है । रोष भरे भाषणा को संफेट कहा गया है । जैसे,— राजसभा में शकुंतला और दुष्यंत को कहा सुनी, वेणी सहार में दुर्योधन और भीम की रोषपूर्ण कहासुनी जो धूतराष्ट्र की राजसभा में हुई थी । आरभटी के चार भेदों में से भी एक संफेट है जिसमें दो पात्र परस्पर भिड़ते और एक दूसरे को दबाने का प्रयत्न करते हैं । जैसे,—मालती माधव नाटक में माधव और अघोरघंट की मुठभेड़ ।