सम्भिन्न
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]संभिन्न ^१ वि॰ [सं॰ सम्भिन्न]
१. भली भाँति अलग ।
२. पूर्ण भग्न । बिलकुल टूटा हुआ ।
३. संक्षोभित । चालित ।
४. गठा हुआ । ठोस ।
५. प्रस्फुटित । खिला हुआ ।
६. संपर्क में आया हुआ (को॰) ।
७. युक्त । मिला हुआ (को॰) ।
८. अनिश्वस्त । अवि- श्वास्य (को॰) ।
९. संकुचित । सिकुड़ा या सिकोड़ा हुआ (को॰) ।
१०. छोड़ा हुआ । त्यक्त । परित्यक्त (को॰) । यौ॰—संभिन्न प्रलाप । संभिन्नप्रलापिक = व्यर्थ प्रलाप करनेवाला । संभिन्नबुद्धि = जिसकी बुद्धि नष्ट हो गई हो । संभिन्नमर्याद = जिसने मर्यादा का उल्लंघन किया हो । सभिन्नवृत्त = सदाचार- रहित । दुराचारी । संभिन्नसर्वांग = जिसने अपने सभी अंगों को संकुचित किया हो या कस लिया हो ।
संभिन्न ^२ संज्ञा पुं॰ शिव [को॰] ।