सम्मूढ़
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सम्मूढ़ वि॰ [सं॰ सम्मूढ]
१. मोहयुक्त । मुग्ध ।
२. निर्बोंध । अज्ञान ।
३. टूटा हुआ । भग्न ।
४. ढेर लगाया हुआ ।
५. किंकर्तव्यमूढ़ । व्याकुल । घबड़ाया हुआ (को॰) ।
६. अस्त- व्यस्त । अव्यवस्थित (को॰) ।
७. तीव्रता से उत्पन्न (को॰) ।
सम्मूढ़ पोड़िका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सम्मूढपीडिका] एक प्रकार का शुक्र रोग । विशेष—इस रोग में लिंग टेढ़ा हो जाता है और उसपर फुंसियाँ निकल आती हैं । कहते हैं कि वायु के कुपित होने से इसकी उत्पत्ति होती है ।