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सम्मूर्छन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सम्मूर्छन संज्ञा पुं॰ [सं॰ सम्मूर्च्छन] [वि॰ सम्मूर्छित]

१. भली भाँति व्याप्त होने की क्रिया । अभिव्याप्ति ।

२. मोह । मूर्छा । बेहोशी ।

३. वृद्धि । बढ़ती ।

४. विस्तार ।

५. घना होना । गाढ़ा होना । जम जाना (को॰) ।

६. उच्चता । ऊँचाई (को॰) ।

७. मिश्रण (को॰) ।