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सर्वतन्त्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सर्वतंत्र ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ सर्वतन्त्र]

१. सर्व प्रकार के शास्त्र सिद्धांत ।

२. वह जिसने सभी शास्त्रों को पढ़ा हो और उनमें निष्णात हो । यो॰—सर्वतंत्र स्वतंत्र = सभी तंत्र या शास्त्र जिसके लिये अपना शास्त्र हो । जो सभी तंत्रों में निष्णात हो ।

सर्वतंत्र ^२ वि॰ दे॰ जिसे सब शास्त्र मानते हों । सर्वशास्त्रसंमत । जैसे,—सर्वतंत्र सिद्धांत ।