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सवग्रास

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सवग्रास संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. चंद्र या सूर्य का वह ग्रहण जिसमें उनका मंडल पूर्ण रुप से छिप जाता है । पूर्ण ग्रहण । खग्रास ग्रहण ।

२. वह जो सब कुछ खा जाय, बचा न रहन दे ।