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सहोर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सहोर ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ शाखोट] एक प्रकार का वृक्ष । सिहोर । शाखोट । विशेष—इसका वृक्ष प्राय: जंगली प्रदेशों में होता है और विशेषत: शुष्क भूमि में अधिक उत्पन्न होता है । यह अत्यंत गठीला और झाड़दार होता है । प्राय: यह सदा हराभरा रहता है पत- झड़ में भी इसके पत्ते नहीं गिरते । इसकी छाल मोटी होती है और रंग भूरा खाकी होता है । इसकी लकड़ी सफेद और साधारणत: मजबूत होती है । इसके पत्ते हरे छोटे और खुर्दुर होते हैं । फाल्गुन मास तक इसका वृक्ष फूलता फलता है और वैशाख से आष्ढ़ तक फल पकते हैं । फूल आध इंच लंबे, गोल और सफेद या पीला- पन लिए होते हैं । इसके गोल फल गूदेदार होते हैं और बीज गोलाकार होते हैं । इसकी टहनियों को काटकर लोग दातून बनाते हैं । चिकित्साशास्त्र के अनुसार यह रक्तपित्त, बवासीर, वात, कफ और अतिसार का नाशक है । पर्या॰—शाखोट । भूतावास । पीतफलक । पिशाचद ।

सहोर ^२ वि॰ [सं॰] अच्छा । उत्कृष्ट । उत्तम [को॰] ।

सहोर ^३ संज्ञा पुं॰ महात्मा । साधु । संत [को॰] ।