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साँकड़ा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साँकड़ा ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ शृङ्खला, प्रा॰ संकला] एक प्रकार का आभू- षण जो पैर में पहना जाता है । यह मोटी चपटी सिकड़ी की भाँति होता है । प्रायः मारवाड़ी स्त्रियाँ इसे पहनती हैं ।

साँकड़ा पु ^२ संज्ञा पुं॰ [सङ्गकीर्ण] क्षूद्र स्वभाव या वृत्ति का । संकीर्ण । उ॰—संतर्न साँकड़ो दुष्ट पीड़ा करै, बाहरै वाहलौ बेगि आवै ।—दादु॰, पृ॰ ५४९ ।