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साँग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साँग संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ शक्ति या शङ्कु]

१. एक प्रकार की बरछी जो भाले के आकार की होती है; पर इसकी लंबाई कम होती है और यह फेंककर मारी जाती है । शक्ति । उ॰—कोउ माजत बरछीन साँग उर वेधनवाली ।—प्रेमघन॰, भा॰ १, पृ॰ २४ ।

२. एक प्रकार का औजार जो कुँआ खोदते समय पानी फोड़ने के काम में आता है ।

३. भारो बोझ उठाने का डंडा ।