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साँची

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साँची ^१ संज्ञा पुं॰ [साँची नगर?] एक प्रकार का पान जो खाने में ठंडा होता है । विशेष—दे॰ 'पान' ।

साँची पु ^२ वि॰ स्त्री॰ [सं॰ सत्य, प्रा॰ सच्च] सत्य । दे॰ । 'साँच'२ । उ॰—हरखी सभा बात सुनि साँची ।—मानस, १ ।२९० ।

साँची ^३ संज्ञा पुं॰ [?] पुस्तकों की छपाई का वह प्रकार जिसमें पंक्तियाँ सीधे बल में न होकर बेड़े बल में होती हैं । विशेष—इसमें पुस्तकें चौड़ाई के बल में नहीं बल्कि लंबाई के बल में लिखी या छापी जाती है । प्राचीन काल के जो लिखे हुए ग्रंथ मिलते है वे अधिकांश ऐसे ही होते हैं । इनमें पृष्ठ लंबी अधिक और चौड़ा कम रहता है; और पंक्तियाँ लंबाई के बल में होती है । प्रायः ऐसी पुस्तकें बिना सिली हुई ही होती है, और उनके पन्ने बिलकुल एक दूसरे से अलग अलग होते है ।