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साँट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साँट ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सट से अनु॰]

१. छड़ी । साँटी । पतली कमची ।

२. कोड़ा ।

३. शरीर पर का वह लंबा गहरा दाग जो कोड़े या बेंत का आघात पड़ने से होता है । क्रि॰ प्र॰—उभड़ना ।—पड़ना ।—लगना । उ॰—है मोरि सखियाँ लागलि गुरु के साँट भइलि मनभावन ।—गुलाल॰, पृ॰ ४९ ।

साँट ^२ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰?] लाल गदहपूरना ।

साँट पु ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ सटना] लगाव । मिलान । लपेट । उ॰— गगन मंडल में रास रचो लगी दृष्टि रुप कै साँट ।—भीखा॰ श॰, पृ॰ १९ ।