साँठना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]साँठना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ सन्धि, हिं॰ साँठ] पकड़े रहना । उ॰— नाथ सुनी भृगुनाथ कथा बलि बाल गए चलि बात के साँठे ।—तुलसी (शब्द॰) ।
साँठना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ सन्धि, हिं॰ साँठ] पकड़े रहना । उ॰— नाथ सुनी भृगुनाथ कथा बलि बाल गए चलि बात के साँठे ।—तुलसी (शब्द॰) ।