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साँढ़नी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साँढ़नी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ साँड़ ?] दे॰ 'साँड़नी' । उ॰—यह सुनत ही तत्काल नामजी एक साँढ़नी लै आम दोइसै एक ओर, दोइसै दुसरी ओर धरि कै तहाँ ते श्रीजी द्धार को चले ।—दो सौ बावन॰, भा॰, पृ॰ १९ ।