साँधना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]साँधना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ सन्धान] निशाना साधना । लक्ष्य करना । संधान करना । उ॰—(क) अगिन बान दुइ जानो साँधे । जग बेधे जो होहिं न बाँधे ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) जनु घुघची वह तिलकर भूहाँ । विरह बान साँधो सामूहाँ ।—जायसी (शब्द॰) ।
साँधना ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ साधन] सिद्ध करना । साधना । उ॰—सीस काटि के पैरी बाँधा । पावा दाँव बैर जस साँधा ।—जायसी (शब्द॰) ।
साँधना ^३ क्रि॰ स॰ [सं॰ सन्धि]
१. एक में मिलाना । मिश्रित करना । उ॰—बिबिध मृगन कर आमिष राँधा । तेहि महँ विप्रमासु खल साँधा ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. रस्सियों आदि में जोड़ लगाना । (लश॰) ।
३. संधान करना । तैयार करना । बनाना । उ॰—धोआउरि धाने मदिरा साँध, देउर भाँगि मसीद बाँध ।—कीर्ति॰, पृ॰ ४४ ।