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साँपधरन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साँपधरन पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰ साँप + धरन] सर्प धोरण करनेवालो, शिव । महादेव ।

साँपधरन पु क्रि॰ सं॰ [सं॰ समर्पण, प्रा॰ समप्पन, सउप्पन, हिं॰ सोंपना] देना । प्रदान करना । उ॰—उभी भावज दइ छइ सीष, रतन कचौली राय साँपजै भीष ।—बी॰ रासो, पृ॰ ४५ ।