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साँसत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साँसत संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ साँस + त (प्रत्य॰)]

१. दम घुटने का सा कष्ट ।

२. बहुत अधिक कष्ट या पीड़ा ।

३. झंझट । बखेड़ा । उ॰—रेल राँड़ पर चढ़त होत सहजहिँ परबस नर । सौ सौ साँसत सहत तऊ नहिं सकत कछू कर ।—प्रेमघन॰, भा॰१, पृ॰ ७ । यौ॰—साँसतघर ।