साँही
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]साँही पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰स्वामी, प्रा॰ साँई] फकीर । औलिया । दे॰ 'साईँ' । उ॰—कही बत्त गोरी तिनं सों सबाँही । कहैं जेब जबाब पुच्छंत साँही ।—पृ॰ रा॰, १९ ।३३ ।
साँही पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰स्वामी, प्रा॰ साँई] फकीर । औलिया । दे॰ 'साईँ' । उ॰—कही बत्त गोरी तिनं सों सबाँही । कहैं जेब जबाब पुच्छंत साँही ।—पृ॰ रा॰, १९ ।३३ ।