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साकट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साकट संज्ञा पुं॰ [सं॰ शाक्त]

१. शाक्त मत का अनुयायी । उ॰— सोवत साधु जगाइए करै नाम का जाप । ये तीनो सोवत भले साकट सिंह रु साप ।—संतवाणी॰, पृय२८९ ।

२. वह जो मांसादि भक्षण करती हो ।

३. वह जिसने किसी गुरु से दीक्षा न ली हो । गुरुरहित ।

४. दुष्ट । पाजी । शरीर ।