सागरा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सागरा संज्ञा पुं॰ [सं॰ सागर ? ] श्री राग का एक पुत्र । उ॰— सावा सारंग सागरा औ गंधारी भीर । अस्ट पुत्र श्रीराग के गौल बुंड गंभीर ।—माधवानल॰, पृ॰ १९४ ।
सागरा संज्ञा पुं॰ [सं॰ सागर ? ] श्री राग का एक पुत्र । उ॰— सावा सारंग सागरा औ गंधारी भीर । अस्ट पुत्र श्रीराग के गौल बुंड गंभीर ।—माधवानल॰, पृ॰ १९४ ।