साचरज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]साचरज पु वि॰ [सं॰ स + आश्चर्य] आश्चर्य के साथ । आश्चर्य- युक्त । उ॰—जयत (साचरज)—वाह ! कार्तिकेय—वृत्नासुर के वचन सुनि चकित होइ सुरराइ ।—पौद्दार अभि॰ ग्रं॰, पृ॰ ४९३ ।
साचरज पु वि॰ [सं॰ स + आश्चर्य] आश्चर्य के साथ । आश्चर्य- युक्त । उ॰—जयत (साचरज)—वाह ! कार्तिकेय—वृत्नासुर के वचन सुनि चकित होइ सुरराइ ।—पौद्दार अभि॰ ग्रं॰, पृ॰ ४९३ ।