साठनाठ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]साठनाठ वि॰ [हिं॰ साँठि + नाठ (- नष्ट)]
१. जिसकी पूँजी नष्ट हो गई हो । निर्धन । दरिद्र । उ॰—साठनाठ लग बात को पूँछा । बिन जिय फिरै मूँज तन छूँछा ।—जायसी (शब्द॰) ।
२. नीरस । रूखा ।
३. इधर उधर । तितर बितर । उ॰— चेटक लाइ हरहिं मन जब लहि होइ गथ फेंट । साठनाठ उठि भए बटाऊ, ना पहिचान न भेंट ।—जायसी (शब्द॰) ।