सातला
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सातला संज्ञा पुं॰ [सं॰ सप्तला, सातला] एक प्रकार का थूहर जिसका दूध पीले रंग का होता है । सप्तला । भूरिफेना । स्वर्णपुष्पी । विशेष—शालग्राम निघंटु में लिखा है कि यह एक प्रकार की बेल है जो जंगलों में पाई जाती है । इसके पत्ते खैर के पत्तों की भाँति और फूल पीले होते हैं । इसमें पतली चिप्टी फली लगती है जिसे सीकाकाई कहते हैं । इसके बीज काले होते हैं जिनमें पीले रंग का दूध निकलता है । परंतु इंडियन मेडिकल प्लांट्स के अनुसार यह क्षुप जाति की वनस्पति है । इसकी डाल एक से तीन फुट तक लंबी होती है जिसमें रोएँ होते हैं । इसके पत्ते एक इंच लंबे और चौथाई इंच चौड़े अंडाकार अनीदार होते हैं । डाल के अत में बारीक फूलों के धने गुच्छे लगते हैं जो लाल रंग के होते हैं । फल चिकने और छोटे होते हैं । यह वनस्पति सुगंधयुक्त होती है । इसका तेल सुगंधित और उत्तेजक होता है जो मिरगी रोग में काम आता है ।