सामग्री पर जाएँ

सादी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

सादी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [फ़ा॰ सादह्]

१. लाल की जाति की एक प्रकार की छोटी चिड़िया जिसका शरीर भूरे रंग का होता है और जिसके शरीर पर चित्तियाँ नहीं होतीं । बिना चित्ती की मुनियाँ । सादिया ।

२. वह पूरी जिसमें पीठी आदि नहीं भरी होती ।

३. पतंग उड़ाने की सादी डोर । वह डोर जिसपर माँझा न लगा हो ।

सादी ^२ वि॰ [सं॰ सादिन्]

१. बैठा हुआ । उपविष्ट ।

२. नष्ट करनेवाला । विनाशक ।

३. सवारी करनेवाला [को॰] ।

सादी ^३ संज्ञा पुं॰

१. घुड़सवार । उ॰—दीख पड़ते हैं न सादी आज ।—साकेत, पृ॰ १६८ ।

२. वह जो हाथी पर सवार हो या सवारी में बैठा हो ।

३. रथ हाँकनेवाला । सारथी [को॰] ।

सादी ^४ संज्ञा पुं॰ [सं॰ सादिन्]

१. शिकारी । उ॰—सहरुज सादी संग सिधारे । शूकर मृगा सबन बहु मारे ।—रघुराज (शब्द॰) ।

२. अश्व । घोड़ा । (डिं॰) ।

सादी ^५ संज्ञा स्त्री॰ [फ़ा॰ शादी] दे॰ 'शादी' । उ॰—कहत कमाली कबीर की बालकी सादी से मैं कुमारी भली सी ।—कबीर मं॰, पृ॰ १६४ ।

सादी पु ^६ वि॰ [सं॰ साधिन्, साधी] साधक । सिद्ध करनेवाला । उ॰—अविद्या न विद्या न सिंद्ध न सादी । तुही ए तुही ए तुही एक आदी ।—पृ॰ रा॰, २ ।६८ ।